Friday, 10 July 2015

मस्ती या पागलपन- ज़ॉम्बी वॉक पर एक नज़र

मौज-मस्ती में विश्वास रखने वाले लोग एंजॉय करने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं. ऐसा ही एक वाक्या तब सामने आया जब पोलैंड के वॉरसॉ में लोगों ने ज़ॉम्बी वॉक में हिस्सा लिया. इस वॉक के दौरान लोगों ने खुद को ही ज़ॉम्बी के रूप में डेकोरेट कर लिया. ये सजावट इतनी लाइवली (जीवंत) थी कि उन्हें देखकर सच में डर लग जाए. हम अपने रिडर्स को बताते चलें कि ज़ॉम्बी जैसा एक जीव इंसानी कल्पना मात्र है. यह इंसान का वो रूप है जो वायरस के चपेट में आकर अमर हो जाता है. अमरत्व से मतलब यह है कि इस तरह का इंसान तब तक नहीं मरता जबतक कि उसकी कमर ना तोड़ दी जाए. इंसना जब ज़ॉम्बी बन जाता है तो उसे इंसानी मांस से भी परहेज नहीं होता. इस परिकल्पना की सबसे खास बता यह है कि ज़ॉम्बी वायरस ऐसा वायरस है जो काटने से फैलता है. इस तरह की परिकल्पनाओं के इंसानी दिमाग पर असर का आप इस बात से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि लोग इससे जुड़े आयोजन में ज़ोर शोर से हिस्सा ले रहे हैं और खुद को भी ज़ॉम्बी अवतार में ढ़ालने से गुरेज नहीं कर रहे. इस सब्जेक्ट से जुड़ी कई फिल्में आ चुकी हैं जिनमें मिलिया की रेज़िडेंट इविल सीरीज़ और ब्...

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