Saturday, 4 July 2015

Love tips for Boys

जब रुठा हो प्यार : लव टिप्स  वो प्यार ही क्या जिसमें तकरार ना हो. झगड़ा, रुठना-मनाना यही तो प्यार का असली खेल है दोस्तों. पर कहते हैं खेल को खेल की तरह खेलना चाहिए वरना चोट लग जाती है. दिल के इस खेल में जरा-सी लापरवाही कई बार बहुत भारी पड़ती है. आज अधिकतर लड़कों का यही रोना है कि उनकी गर्लफ्रेंड बहुत डिमांडिग है और रोज-रोज रुठ जाती है. उनका कहना गलत भी नही है. लेकिन अगर आपका प्रेमी या साथी रुठा हुआ है और उसे आप मना ना सके तो उसे अपने दिल का टुकड़ा कहना गलत है. असली दोस्त और साथी वही होता है जो आपको हजार बार रुठने के बाद भी मना लें.   प्यार में नोंक-झोंक होने के बाद भी अपने साथी को मनाना ही अच्छे रिश्ते की पहचान होती है. अगर कोई आपसे प्यार करता है और किसी वजह से वह आपसे रुठ या नाराज हो गया है तो उन्हें मनाने के लिए आप वही करें जो आपके प्रिय को अच्छा लगता हो.  उन्हें स्पेशल अहसास कराएं ताकि वे जान सकें कि आप उन्हें कितना प्यार करते हैं और वे आपके लिए कितने खास हैं. कभी कभी गलती ना होने पर भी अपने साथी को मनाने के लिए अपनी गलती मान लेने से कोई नुकसान नहीं होता. ...

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