हालांकि यूरोपीय देशों ने जनमत संग्रह से पहले बार-बार ग्रीस के लोगों को चेतावनी दी थी कि अगर उनका फ़ैसला 'ना' रहा तो ग्रीस को यूरोज़ोन से बाहर जाना पड़ सकता है. यूरोजोन से बाहर जाने का मतलब होगा ग्रीस की अर्थव्यवस्था पूरे यूरोप से अलग-थलग पड़ जाएगी. पर इस चेतावनी की ज़्यादा परवाह न तो ग्रीस की जनता ने की, और न ही वहां की सरकार ने.
चार दशक से अधिक के समय में पहली बार ग्रीस में ये जनमत संग्रह हुआ, वह भी ऐसे समय पर जब देश में पैसों के लेनदेन पर कड़ी रोक लगी हुई है.
सरकार के हजारों सम...
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